Monday, August 3, 2015

तू मिले, दिल खिले



तू मिले, दिल खिले,
और जीने को क्या चाहिए..
तू मिले, दिल खिले,
और जीने को क्या चाहिए..

ना हो तू उदास, तेरे पास पास,
मै रहूगा ज़िन्दगी भर..
सारे संसार का प्यार मैने तुझी मे पाया
तू मिले, दिल खिले
और जीने को क्या चाहिए
हा तू मिले, दिल खिले
और जीने को क्या चाहिए

चंदा तुझे, ओह देखने को निकला करता है
आइना भी, ओह दीदार को तरसा करता है
इतनी हसीन कोई नही..
हुस्न दोनो जहा का एक तुझ मे सिमटके आया
तू मिले, दिल खिले
और जीने को क्या चाहिए

प्यार कभी, हो मरता नही हम तुम मरते है
होते है वो, हो लोग अमर प्यार जो करते है
जितनी अदा, उतनी वफ़ा..
एक नज़र प्यार से देख लो फिर से जिंदा कर दो
तू मिले, दिल खिले
और जीने को क्या चाहिए

हा तू मिले, दिल खिले
और जीने को क्या चाहिए
ना हो तू उदास, तेरे पास पास
मै रहूगी ज़िन्दगी भर
ना हो तू उदास, तेरे पास पास
मै रहूगा ज़िन्दगी भर
सारे संसार का प्यार मैने तुझी मे पाया
तू मिले, दिल खिले
और जीने को क्या चाहिए